फोटो : मुकुल सरल
बेटे को
सुनो बेटे
बड़े-बड़े शब्दों से कभी घबराना मत
बहुत बड़ा शब्द
बहुत छोटी-सी चीज़ का नाम होता है।
और जो सचमुच विशाल हैं, बड़े हैं
उनके नाम छोटे-छोटे होते हैं :
जैसे जीवन, मृत्यु, युद्ध, शांति,
आशा, प्रेम, घर, रात, दिन।
छोटे-छोटे शब्दों का कैसे
बड़े रूप में, सुंदर ढंग से
इस्तेमाल करोगे, वह सीख लो
यह है बहुत मुश्किल पर तुम
जो कुछ कहना चाहोगे
बख़ूबी कह सकोगे।
जब तुम क्या कहना चाहते हो
तुम्हे ख़ुद ही मालूम न हो
तब ख़ूब बड़े-बड़े शब्दों का इस्तेमाल करना
वे शब्द छोटे लोगों को
अक्सर बुद्धू बनाते हैं।
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ऑर्थर
कुड्नर (डेनमार्क)
((सीताकांत महापात्र द्वारा संकलित और नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘कविता...बचपन’ से। हिन्दी
अनुवाद- राजेंद्र प्रसाद मिश्र)
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